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भारती के यूनियन लीडर का पद स्वीकार करने पर वृंदा और अंगद काफी खुश होते है.
अंगद के पूछने पर की पहले मना और अब मानने के पीछे का कारण क्या है, तब भारती बताती है की यूनियन लीडर का पद उसके पिता के लिए कितना महत्वपुर्ण था. अगर वो मना कर देती तो उसके पिता की आत्मा को बहुत बुरा लगता।
अंगद और वृंदा फैक्ट्री मे यूनियन लीडर के लिए भारती के हाँ कहने पर चैन की सांस लेते है और ख़ुशी के निजी पल बिताते है.
अंगद के पास बैंक से फ़ोन आता है और वो भीखू दादा के पास से मिले पेपर की सच्चाई जानने के लिए बैंक के अधिकारी से मिलने की लिए निकल जाता है
वहीं दूसरी तरफ विक्रांत की टीम उसके असफल होने की बातें करते है, जिससे विक्रांत को गुस्सा आ जाता है.विक्रांत सभी को ये बोलता है के उसने अभी हार नहीं मानी हैं, तभी वृंदा का फ़ोन आता है और उसे केबिन मे आने को कहती है.
वृंदा विक्रांत से बात कर ही रही होती है के उसके पेट में जोर का दर्द उठता है.
विक्रांत वृंदा को पकड़कर फैक्ट्री से डॉक्टर के पास ले जाने को निकलता है.फैक्ट्री के कर्मचारी आपस मे बात करने लगते है की विक्रांत ने इस तरह से वृंदा को पकड़ा हुआ है. इसमें वृंदा के चरित्र पर बात आती है के उसने क्यों विक्रांत को ऐसे पकड़ने दिया है.वहीं दूसरी तरफ अंगद को बैंक अधिकारी से असली गुनहगार का नाम पता चलता है.डॉक्टर नासमझी मे विक्रांत को वृंदा का पति समझ लेती है और बताती है के प्रेगनेंसी मे किन बातों का ध्यान रखना होता है.वापसी मे विक्रांत वृंदा को बातो में फसा कर अपने ऊपर वृंदा के भरोसे को और मजबूत बना देता है.
वृंदा अपने फोन को चेक करती है तो देखती है अंगद की काफी मिस कॉल होती है. वृंदा जब कॉल करती है तब अंगद बोलता है के फैक्ट्री पहुँचो, पुलिस भी आ रही है फ्रॉड करने वाले को पकड़ने। ये सुनकर विक्रांत को टेंशन हो जाती है.
फैक्ट्री पहुंच कर वृंदा अंगद से पूछती है गुनाहगार के बारे मे तब अंगद बताता है के बैंक अकाउंट स्टेटमेंट से पता चला है कौन है इन सब के पीछे।
पुलिस इंस्पेक्टर विक्रांत को एक फाइल दिखाकर पूछता है के सब क्या है.
इनसब से वृंदा बहुत आहत होती है और विक्रांत को एक तप्पड़ मार कर पूछती है की ये सब क्यों किया?
मेरे विचार : ये सब विक्रांत गाड़ी मे बैठकर सिर्फ सोच रहा था, वो किसी और को फंसा कर खुद बच के निकल जायेगा।

















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